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Monday, May 18, 2020

How much Earthing are required for DG Sets


डीजल जनेटर्स के लिए कितनी अर्थिंग जरुरी ??????????

डीजल जनरेटर जो कि बिजली आपूर्ति के काम की मशीन है जो मैकेनिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी मे कन्वर्ट करती है। इसमें इंस्टालेशन के टाइम पर अर्थिंग का महत्त्व पूर्ण काम है।  अर्थिंग न की जनरेटर की सेफ्टी के लिए जरुरी है बल्कि ये जनरेटर पर काम करने वाले ऑपरेटर के लिए भी बहुत जरुरी है.




  








जनरेटर के प्र्कार। 


(a) थ्री फेज जनरेटर, भारत मे 415 वोल्टस पर , जिसमे तीन फेज और एक न्यूट्रल होता हे 
(b)सिंगल फेज जनरेटर , भारत मे 240 वोल्टस पर , जिसमे एक फेज और एक न्यूट्रल होता है 

थ्री फेज जनरेटर के लिए अर्थिंग : तीन फेज जनरेटर के लिए 04 अर्थिंग होनी चाहिए।  जिसमे 02 अर्थिंग न्यूट्रल पर कनेक्ट हो जाती है और 02 अर्थिंग जनरेटर बॉडी पर कनेक्ट हो जाती है। बेटर रिजल्ट्स के लिए अगर ये अर्थिंग कॉपर की है तो उत्तम है अन्यथा इसमें आप बॉडी अर्थिंग GI की करा ले और न्यूट्रल के लिए कॉपर की अर्थिंग। सामान्यता कई लोग चारो अर्थिंग GI की ही करते है। 


सिंगल फेज जनरेटर के लिए अर्थिंग : सिंगल फेज जनरेटर के लिए 02 अर्थिंग होनी चाहिए।  जिसमे दोनों अर्थिंग जनरेटर बॉडी पर कनेक्ट हो जाती है।  सामान्यता ये GI की होती है। 



अर्थिंग और अर्थिंग स्ट्रिप्स का साइज जनरेटर के साइज के साथ बदल जाता है. इसके लिए आप जनरेटर बनाने वाली कंपनी या बिजली का काम करने वाले एक्सपर्ट की राय ले

ऊपर दी गई गाइडलाइन्स IS स्टैंडर्ड्स का ध्यान मे रख कर ली गई है

नोट : बिजली कनेक्शन के लिए केवल armoured केबल का ही प्र्योग करे और उसके armoured वायर्स को अच्छी तरह से ग्लैंडिंग करे। ग्लैंड पूरे भरे हुए होने चाइए और armoured वायर उसमे अच्छी तरह फिक्स हो।  प्रॉपर ग्लैंडिंग से भी अर्थिंग से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है.  

मेरा ये सुझाव है की आप केमिकल एअर्थिग का यूज़ करे।  इनकी लाइफ ज्यादा होती है और ये मेंटेनेंस फ्री भी होती है।  साथ ही ये जगह भी कम लेती है

धन्यवाद

बेस्ट भारत


Friday, May 8, 2020

Types of Chemical Earthings : केमिकल अर्थिंग के प्र्कार : जी आई (GI ) अर्थिंग या कॉपर (Cu) अर्थिंग


केमिकल अर्थिंग के प्र्कार : जी आई (GI ) अर्थिंग या  कॉपर (Cu) अर्थिंग 








GI  केमिकल अर्थिंग :
यह सामान्य तरह की अर्थिंग है जो ज्यादा तर मांग मे रहती है।  यह एक GI के पाइप के अंदर अर्थिंग  केमिकल और एक GI की स्ट्रिप होती है।  इसमें ऊपर GI की स्ट्रिप मे ड्रिल होल होते है जिसमे वर्थिंग वायर आ कर कनेक्ट हो जाता है।  


GI केमिकल पाइप अर्थिंग : यह एक स्पेशल टाइप की अर्थिंग है जिसमे GI पाइप के अंदर भी एक पाइप होता है और दोनों पाइप्स मे केमिकल अर्थिंग भरी होती है।  इसकी लाइफ और रिजल्ट नार्मल एअर्थ इलेक्ट्रोड से ज्यादा रहते है। 


कॉपर (Cu) केमिकल अर्थिंग : यह सामान्य कॉपर पाइप की अर्थिंग है जो ज्यादातर अपने उच्च क्वालिटी की वजह से जानी जाती है।  यह एक कॉपर के पाइप के अंदर अर्थिंग केमिकल भरा रहता है और एक Cu की  स्ट्रिप होती है।  इसमें ऊपर Cu की स्ट्रिप मे ड्रिल होल होते है जिसमे वर्थिंग वायर आ कर कनेक्ट हो जाता है।  


बोंडेड  कॉपर (Cu) केमिकल अर्थिंग : यह सामान्य MS  पाइप के ऊपर कॉपर की कोटिंग करी गई होती है।  यह GI से बेहतर लकिन प्योर कॉपर रोड से कम रिजल्ट देती है। यह एक कॉपर कोटेड के पाइप के अंदर अर्थिंग केमिकल भरा रहता है और एक Cu की  स्ट्रिप होती है।  इसमें ऊपर Cu की स्ट्रिप मे ड्रिल होल होते है जिसमे वर्थिंग वायर आ कर कनेक्ट हो जाता है।


कहा पर कैसी अर्थिंग काम मे आती हैं 


१. जहां  बॉडी अर्थिंग की बात हो या जरुरत हो वहा पर GI की अर्थिंग कराई जाती है।  
२. जहां न्यूट्रल अर्थिंग की बात हो या जरुरत हो वहा पर Cu की अर्थिंग करानी चाइए।  

इलेक्ट्रिकल प्रैक्टिसेज और गाइडलाइन्स के अनुसार कॉपर वर्थिंग का महत्व और रिजल्ट GI केमिकल अर्थिंग के मुकाबले ज्यादा है

अगर हम मूल्य की बात करे तो कॉपर अर्थिंग GI से करीब 4 गुना ज्यादा महँगी होती है।

केमिकल अर्थिंग या केमिकल एअर्थ इलेक्ट्रोड की लाइफ लगभग 20 वर्षो की है।

यह अर्थिंग मेंटेनेंस फ्री होती है.















Chemical Earthings - Usage & Scope

IMPORTANCE OF EARTHING
Earthing and grounding is the most important component in an electrical circuit. It is necessary to eliminate electrostatic discharge which can destroy sensitive equipement and disturb power supply. The primary objective of earthing is to control radio frequency emissioin and electro-magnetic interference to provide stable reference potential for instrument to provide a safe discharge path for short circuit and lighting currents.
Apart from human safety, costly and sensitive electronic equipments are vulnerable even to small fault currents which seriously affect the life and performance of the equipements.



Chemical Earthing are better then Traditional Earthing.